नई दिल्ली। भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्रा को और अधिक आरामदायक और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही गुवाहाटी से कोलकाता (हावड़ा) के बीच चलाई जाएगी। यह ट्रेन विशेष रूप से रात की लंबी यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह सेवा उत्तर-पूर्व भारत को तेज़, सुरक्षित और किफायती रेल कनेक्टिविटी देगी।
कहां से कहां चलेगी ट्रेन:-
रूट: गुवाहाटी ↔ कोलकाता (हावड़ा)
दूरी: लगभग 1000 किलोमीटर
यात्रा समय: मौजूदा ट्रेनों की तुलना में कम
शुरुआत: जनवरी 2026 के मध्य (तिथि जल्द घोषित)
यह ट्रेन असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व के यात्रियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
किराया और कोच की जानकारी:-
रेल मंत्री के अनुसार किराया आम यात्रियों को ध्यान में रखकर तय किया गया है:
थर्ड एसी (3AC): ₹2,300
सेकंड एसी (2AC): ₹3,000 (अनुमानित)
फर्स्ट एसी (1AC): ₹3,600 (अनुमानित)
किराये में खानपान सेवा शामिल हो सकती है।
ट्रेन की खासियत:-
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह नाइट जर्नी के हिसाब से डिजाइन किया गया है:
आधुनिक और आरामदायक स्लीपर बर्थ,
बेहतर सस्पेंशन और कम शोर,
ऑटोमैटिक दरवाजे,
सीसीटीवी और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था,
स्वच्छ टॉयलेट और बेहतर लाइटिंग,
तेज रफ्तार और स्मूद सफर।
कोच संरचना:-
कुल कोच: 16
थर्ड एसी: 11
सेकंड एसी: 4
फर्स्ट एसी: 1
कुल यात्री क्षमता: लगभग 820 से अधिक:-
सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना है। इससे पहले भी कई वंदे भारत ट्रेनों का उद्घाटन पीएम कर चुके हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मौके पर बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा- भारत की पहली बुलेट ट्रेन अगले साल 15 अगस्त को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
शुरुआत में गुजरात के कुछ हिस्सों में सेवा शुरू होगी, बाद में पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर को जोड़ा जाएगा।
क्यों है यह ट्रेन खास:-
उत्तर-पूर्व भारत के लिए तेज़ और आधुनिक रेल सेवा, हवाई यात्रा से सस्ता और आरामदायक विकल्प, रात में सफर करने वालों को बड़ी राहत दी गई है, भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
कुल मिलाकर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि देश की रेलवे व्यवस्था को वैश्विक स्तर की सेवाओं के और करीब ले जाएगी। वहीं बुलेट ट्रेन का ऐलान भारत के हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट भविष्य की मजबूत तस्वीर पेश करता है।