स्काईरूट एयरोस्पेस का ‘मिशन आगमन’ जुलाई-अगस्त लॉन्च विंडो में उड़ान भरेगा, पहली बार कोई निजी भारतीय ऑर्बिटल रॉकेट करेगा अंतरिक्ष की ओर प्रस्थान।
भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। हैदराबाद की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने अपने विक्रम-1 रॉकेट के पहले चरण (स्टेज-1) को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के फर्स्ट लॉन्च पैड पर सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। यह पहली बार है जब पूरी तरह भारत में विकसित किसी निजी ऑर्बिटल रॉकेट को लॉन्च पैड तक पहुंचाया गया है।
कंपनी ने अपने पहले ऑर्बिटल मिशन ‘मिशन आगमन’ के लिए 12 जुलाई से 4 अगस्त 2026 के बीच लॉन्च विंडो तय की है। इस परीक्षण उड़ान में भारत और विदेशों के कई छोटे उपग्रह (सैटेलाइट) भेजे जाएंगे। मिशन का उद्देश्य रॉकेट की प्रणोदन प्रणाली, मार्गदर्शन, स्टेज सेपरेशन और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकों का परीक्षण करना है।
करीब सात मंजिला ऊंचा विक्रम-1 रॉकेट लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में लगभग 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसकी सफलता भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित होगी और छोटे उपग्रह प्रक्षेपण के वैश्विक बाजार में देश की स्थिति को और मजबूत करेगी।
गौरतलब है कि स्काईरूट एयरोस्पेस ने वर्ष 2022 में विक्रम-एस के जरिए भारत का पहला निजी सब-ऑर्बिटल रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किया था। अब विक्रम-1 के साथ कंपनी भारत के पहले निजी ऑर्बिटल मिशन की ओर बढ़ रही है, जो देश के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ सकता है।