कैलेंडर। नया साल 2026 छुट्टियों, त्योहारों और चुनावों से भरपूर रहने वाला है। केंद्र और कई राज्य द्वारा जारी कैलेंडर के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों को कुल लगभग 54 छुट्टियाँ मिलेंगी, जिनमें राष्ट्रीय, धार्मिक और क्षेत्रीय पर्व शामिल हैं। इस साल 10 ऐसे मौके हैं जब कम छुट्टी लेकर लंबा वीकेंड बनाया जा सकता है, जिससे घूमने-फिरने या पारिवारिक समय का आनंद उठाने के अवसर मिलेंगे।
भारत सरकार ने 2026 का सरकारी अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया है जिसमें कई मुख्य राष्ट्रीय और धार्मिक छुट्टियाँ निर्धारित हैं।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), होली (4 मार्च), ईद-उल-फितर (21 मार्च) राम नवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे, बुद्ध पूर्णिमा, बकरीद, मुहर्रम, स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी, गांधी जयंती, दशहरा, दिवाली, गुरु नानक जयंत, क्रिसमस आदि शामिल हैं।
इन छुट्टियों के साथ साथ वैकल्पिक/रिस्ट्रिक्टेड छुट्टियाँ (जैसे होलिका दहन, डोल यात्रा, बसंत पंचमी, रक्षाबंधन, करवा चौथ आदि) भी हैं, जिनके कारण कुल अवकाशों की संख्या लगभग 54 पहुँच जाती है।
2026 में कई अवकाश ऐसे हैं जो शनिवार या रविवार के साथ जुड़कर तीन-चार दिन के लंबे वीकेंड बनाते हैं। ये मौके खासकर ऑफिस कर्मचारियों और परिवारों के लिए ट्रैवल या रेस्ट प्लानिंग के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रमुख लंबे वीकेंड अवसर:-
जनवरी:
गणतंत्र दिवस (सोमवार, 26 जनवरी) 3-डे वीकेंड (शनिवार-सोमवार)
मार्च:
होली (बुधवार) कम छुट्टी लेकर 4-डे वीकेंड बनाया जा सकता है
ईद-उल-फितर (शनिवार) – 3-डे वीकेंड
अप्रैल-मई:
गुड फ्राइडे, बुद्ध पूर्णिमा, बकरीद-मुहर्रम – कई 3-डे वीकेंड बनेंगे
अगस्त-अक्टूबर: स्वतंत्रता दिवस (शनिवार) – 3-डे वीकेंड
गांधी जयंती (शुक्रवार) – 3-डे वीकेंड
दशहरा – 3-डे या 4-डे वीकेंड प्लान संभव
नवंबर-दिसंबर:
दिवाली के आसपास 3-डे या चार-दिन का वीकेंड (दिवाली रविवार को मिलता है, जिसके लिए अतिरिक्त छुट्टी लेकर लंबा ब्रेक संभव)
क्रिसमस (शुक्रवार) 3-डे वीकेंड इन अवसरों पर छुट्टियों को जोड़कर कम से कम 10 लंबे वीकेंड आसानी से बनाए जा सकते हैं।
इस साल होली सप्ताह के बीच में पड़ रहा है, जिससे थोड़ी छुट्टी लेकर 4-दिन का लंबा ब्रेक बनाया जा सकता है। कई राज्यों में दुर्गा पूजा के समय स्कूल और कार्यालय महीनों पहले ही घोषित छुट्टियाँ देते हैं, जिससे 4-दिन या उससे अधिक का ब्रेक बन सकता है, कुछ राज्यों में दिवाली और छठ के साथ स्कूल और कार्यालय उन्नत अवकाश घोषित करते हैं, जिससे भी लंबे ब्रेक की संभावना बनती है।
2026 को चुनावों का साल भी कहा जा रहा है क्योंकि राज्यसभा के कई सदस्यों का कार्यकाल 2026 की शुरुआत में खत्म हो रहा है और इसके लिए चुनाव प्रक्रिया तेज़ होगी। जैसे राजस्थान और अन्य राज्यों से कुछ सांसदों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए प्रत्याशियों के लिए राजनीति और समीकरण चर्चा में हैं।
2026 में देश के विभिन्न हिस्सों में पंचायत, स्थानीय निकायों, और विधानसभा-स्तर तक चुनाव होने की संभावनाएँ और तैयारियाँ जारी हैं। कुछ स्थानों पर पंचायत चुनावों के आयोजन को लेकर असमंजस भी देखा जा रहा है, जैसे बिहार में पुनर्गठन की मांग के कारण चुनाव की समयबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं।
चुनाव के दिनों को भी कई राज्यों में छुट्टियों के रूप में घोषित किया जाता है, ताकि मतदाता अपने मतदान के अधिकार का उपयोग आसानी से कर सकें। यह कानून के तहत नागरिक अधिकार का हिस्सा है।
हर राज्य या केन्द्र-शासित प्रदेश में छुट्टियों की सूची थोड़ी अलग-थोड़ी हो सकती है। उदाहरण के लिए; तमिलनाडु ने 24 छुट्टियों की सूची जारी की है, जिसमें पोंगल, तमिल न्यू ईयर और अन्य सांस्कृतिक अवकाश भी शामिल हैं। केरल, कर्नाटक और अन्य राज्यों में भी अलग-अलग राज्य-विशेष छुट्टियाँ होती हैं।
2026 का अवकाश और इवेंट आउटलुक करीब 54 छुट्टियाँ पूरे देश में केंद्र और राज्य स्तर पर घोषित होंगी। लगभग 10 लंबे वीकेंड बनने के अवसर हैं, जिससे छुट्टियों को जोड़कर लंबा ब्रेक लिया जा सकता है। होली, दुर्गा पूजा, दिवाली-छठ जैसे बड़े त्योहारों पर 4-दिन या उससे अधिक के अवकाश की योजना बन सकती है। चुनाव-सम्बन्धी दिन भी छुट्टियों को प्रभावित करते हैं और मतदाता-सुविधा के लिये अवकाश दिए जाएंगे।