भिलाई। पुरानी भिलाई थाना में तैनात आरक्षक अरविंद मेढ़े पर एक महिला ने शारीरिक शोषण और यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। महिला ने अपनी लिखित शिकायत थाना में दर्ज कराई थी, जिस पर FIR भी दर्ज की गई।
पीड़िता का आरोप है कि उसके नाबालिग बेटे को पॉक्सो एक्ट से जुड़ी कानूनी कार्रवाई में बाल संप्रेषण गृह में रखा गया था। बेटे की मदद के लिए वह आरक्षक से संपर्क में थी। इसी दौरान, आरोपी आरक्षक ने बेटे की कानूनी मदद के नाम पर महिला पर दबाव डालना शुरू किया।
आरक्षक ने महिला को चरोदा बस स्टैंड पर बुलाया और उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया, फिर रेलवे यार्ड की तरफ लेकर गया। वहाँ उसने महिला से कहा कि यदि वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएगी, तो वह उसके बेटे की मदद करेगा। आरोप है कि उसने महिला के प्राइवेट पार्ट में बिना अनुमति हाथ डाला और अनुचित हरकतें कीं, जिससे महिला ने विरोध किया।
जब महिला ने मना किया और कहा कि वह पीरियड पर थी, तब भी आरोपी ने दो दिन बाद मिलने के लिए दबाव डाला, लेकिन बाद में महिला को वहीं छोड़ दिया। आरोपी का नाम अरविंद मेढ़े बताया गया है। वह पुरानी भिलाई थाना में आरक्षक के पद पर तैनात था। बताया गया कि उसकी शादी लगभग 15 दिन पहले ही हुई थी।
महिला ने लिखित शिकायत थाने में की, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। मामला गंभीर होने पर एसएसपी विजय अग्रवाल ने आरोपी आरक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया। बाद में बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है ताकि मामले की गहन पूछ-ताछ और सबूतों की जांच की जा सके। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया, और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रखा।
घटना की जानकारी मिलने पर बजरंग दल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंचे, जहाँ उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और सजा की मांग की है।