बस्तर से सुरक्षा कैंप हटाने की मांग, अफीम खेती पर भी उठाए सवाल: कहा कृषि विभाग ही दे रहा बढ़ावा
रायपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने एक बार फिर राज्य सरकार और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में यह मानती है कि बस्तर से नक्सलवाद खत्म हो चुका है, तो सबसे पहले मंत्रियों और विधायकों को अपनी Z+ सुरक्षा छोड़नी चाहिए।
भूपेश बघेल ने साफ तौर पर कहा कि “जब तक नेता खुद भारी सुरक्षा में रहेंगे, तब तक नक्सलवाद खत्म होने का दावा सिर्फ दिखावा है।” उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि बस्तर से सुरक्षा कैंप हटाए जाएं, तभी असली स्थिति सामने आएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में लगातार बने हुए सुरक्षा कैंपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक तरफ नक्सलवाद खत्म होने का दावा करती है, दूसरी तरफ सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है
उनका कहना है कि यह दोहरा रवैया है और इससे जनता में भ्रम की स्थिति बन रही है।
भूपेश बघेल ने इस दौरान एक और गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अफीम की खेती को बढ़ावा मिल रहा है, और इसमें कृषि विभाग की भूमिका संदिग्ध है।
हाल ही में छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती से जुड़ा मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है, जिसमें राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
बघेल ने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए,
साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार सिर्फ दावों और प्रचार में लगी है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलवाद खत्म होने के दावे सच्चाई से दूर हैं
सुरक्षा व्यवस्था का बोझ आम जनता और जवानों पर है और दूसरी तरफ अफीम जैसी अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं
भूपेश बघेल के इस बयान को आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मुद्दा माना जा रहा है।
नक्सलवाद
सुरक्षा नीति
और अवैध खेती
ये तीनों मुद्दे अब फिर से सियासी बहस के केंद्र में आ गए हैं।