कमीशन के लालच में बैंक खाते, ATM, पासबुक और सिम कार्ड कराए थे उपलब्ध; सुपेला के 10 और भिलाई नगर के 3 खाताधारकों पर कार्रवाई
भिलाई। साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के जरिए खपाने और ट्रांसफर करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 13 खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। जांच में इन खातों में 10 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध धनराशि के ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज एवं साधन अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे। इनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता था।
जांच में सामने आया कि संबंधित खाताधारकों ने कथित तौर पर 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन/प्रतिफल के बदले अपने बैंक खातों से संबंधित पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड दूसरे व्यक्तियों को उपलब्ध कराए।
पुलिस के अनुसार, एजेंटों के माध्यम से बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और साधन साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने, दूसरे खातों में भेजने और धनराशि का स्रोत छिपाने के लिए किया जाता था।
सुपेला में 10, भिलाई नगर में 3 आरोपी
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सुपेला, थाना भिलाई नगर और ACCU की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
थाना सुपेला में बंधन बैंक से संबंधित 10 खाताधारकों के खातों का साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल पाया गया। वहीं थाना भिलाई नगर क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े 3 खाताधारकों के खातों के संबंध में कार्रवाई की गई।
तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों के लेन-देन के विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की।
13 आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 679/2026 के तहत धारा 318(2), 318(3), 318(4) BNS में 10 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
वहीं थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 388/2026 के तहत इन्हीं धाराओं में 3 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
थाना सुपेला क्षेत्र के आरोपी:
- अनिरुद्ध बेसरा, 26 वर्ष, सेक्टर-5 भिलाई
- डिकेश साहू उर्फ गोल्डी, 23 वर्ष, उतई
- संदीप खन्ना, 24 वर्ष, रामनगर सुपेला
- दिलबाग सिंह, 30 वर्ष, कांट्रेक्टर कॉलोनी सुपेला
- शिव कुमार, 32 वर्ष, खुर्सीपार
- सुमीत कुमार, 26 वर्ष, खुर्सीपार
- रेहान कुरैशी, 20 वर्ष, छावनी
- ललीत कुमार, 24 वर्ष, खुर्सीपार
- भोज कुमार देवांगन, 24 वर्ष, भिलाई
- धनेश्वर यादव, 21 वर्ष, जामुल
थाना भिलाई नगर क्षेत्र के आरोपी:
- अमित कुमार, 43 वर्ष, मरौदा
- गोपी सोनी, 21 वर्ष, भिलाई-3
- प्रीति उपाध्याय, शांति नगर
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पासबुक, ATM कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस टीम द्वारा बैंक खातों के लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण कर संदिग्ध ट्रांजेक्शन की पड़ताल की गई।
दुर्ग पुलिस की लोगों से अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन में कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक या सिम के गलत इस्तेमाल की जानकारी मिलती है तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस को सूचना दें।
दुर्ग पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों और ऐसे खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।