स्वास्थ्य। ज्यादा स्क्रीन टाइम से रीढ़ और शरीर पर हो रहा है दबाव – पोश्चर बिगड़ने और बीमारियों के जोखिम को लेकर न्यूरोलॉजिस्ट की चेतावनी, आजकल स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट के लगातार इस्तेमाल के कारण लोगों की रीढ़ (स्पाइन) और पोश्चर पर नकारात्मक असर दिख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से शरीर पर दबाव बढ़ता है जिससे गर्दन, पीठ और कंधों में दर्द होना आम बात बन चुकी है।
औसतन व्यक्ति दिन में 3 घंटे से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर बिताता है और दिन में लगभग 50 + बार फोन चेक करता है। इससे न केवल आंखों और दिमाग पर असर पड़ता है, बल्कि पोश्चर खराब होना और रीढ़ की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
स्क्रीन टाइम का शरीर पर असर:-
पोश्चर बिगड़ना – सिर आगे झुकने से गर्दन और रीढ़ पर दबाव बढ़ता है।
गर्दन और पीठ दर्द लगातार झुके शरीर की वजह से मांसपेशियों और महत्त्वपूर्ण नसों पर तनाव। लंबे समय तक बैठना – कम शारीरिक गतिविधि से मोटापा, हृदय और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
ड्राई आय और आंखों के तनाव – निरंतर स्क्रीन देखने से आंखें कम झपकती हैं, जिससे आंखों की सूखापन समस्या बढ़ती है। नींद और ब्लू लाइट इफेक्ट – स्क्रीन की नीली रोशनी नींद चक्र और आंखों पर बुरा असर डाल सकती है।
न्यूरोलॉजिस्ट से जानें बचाव के तरीके:-
समय-समय पर ब्रेक – हर 30-45 मिनट बाद 2-3 मिनट का ब्रेक लें और थोड़ी दूर की चीज़ देखें।
सही पोश्चर बनाए रखें – स्क्रीन को आंखों के स्तर पर रखें, सीधी पीठ और कंधों को रिलैक्स करें।
शारीरिक गतिविधि बढ़ाएं – रोज़ वॉक, स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज रीढ़ को मजबूत बनाती है।
आंखों की रक्षा – 20-20-20 नियम अपनाएं – हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज़ पर नजर रखें।
डिवाइस का इस्तेमाल सीमित करें – खासकर रात में सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें।
कब लें प्रोफेशनल सलाह?
अगर गर्दन/पीठ का दर्द लगातार बने रहता है, हाथों में सुन्नपन/झुनझुनाहट हो, या रोजमर्रा के काम प्रभावित हों, तो ऑर्थोपेडिक, फिजियोथेरेपिस्ट या न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
कुल मिलाकर: मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन का स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर अब सिर्फ आंखों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रीढ़, पोश्चर, मांसपेशियों और आत्म-अनुभूति पर भी गहरा प्रभाव डाल रहा है। सही आदतें अपनाकर और नियमित ब्रेक लेकर आप इन खतरों से बच सकते हैं और सेहत को बेहतर बना सकते हैं।