भिलाई। सेक्टर-2 सेंट्रल एवेन्यू स्थित गणेश पंडाल में सेवानिवृत कार्मिक कल्याण संघ की साप्ताहिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में सेवानिवृत कर्मियों की उपस्थिति रही, जहां कई नए सदस्यों ने भी संगठन की सदस्यता ग्रहण की।
बैठक का मुख्य मुद्दा बीएसपी प्रबंधन द्वारा लाइसेंसधारी एवं रिटेंशनधारी आवासों को खाली कराने के लिए भेजे जा रहे नोटिस रहे। इस पर उपस्थित सदस्यों ने कड़ा रोष व्यक्त किया।
सदस्यों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना लाइसेंस नवीनीकरण रोके जाने के बाद अचानक आवास खाली करने के नोटिस जारी करना पूरी तरह अनुचित और अमानवीय है। उनका आरोप था कि वर्षों से कई परिवार नियमित किराया, बिजली-पानी के बिल तथा 3 लाख से 10 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें लगातार मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
बैठक में कुछ सदस्यों ने टाउनशिप की भूमि हाउसिंग बोर्ड को हस्तांतरित किए जाने की चर्चा का उल्लेख करते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सेवानिवृत कर्मचारियों ने यह भी कहा कि आवास छिनने का भय उनके जीवन में लगातार तनाव का कारण बना हुआ है। अधिकांश वरिष्ठ नागरिक पहले से ही मधुमेह, रक्तचाप जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
अनुमान जताया गया कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही तो 50 से 60 हजार लोगों के प्रभावित होने की आशंका है, जिससे बड़ा सामाजिक संकट खड़ा हो सकता है।
बैठक में अंत में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो सेवानिवृत कर्मियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा और आंदोलन का दायरा और व्यापक होगा।