ट्रंप का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ फेल, होर्मुज में फंसे 1600 जहाजों से बढ़ा वैश्विक संकट
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ मिशन बुरी तरह लड़खड़ा गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे करीब 1600 जहाज अब भी सुरक्षित रास्ते का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी सुरक्षा मिशन शुरू होने के बावजूद केवल दो जहाज ही इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर पाए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धपोत, एयर सर्विलांस और सैन्य सुरक्षा तैनात की थी, लेकिन ईरान के साथ बढ़ते तनाव और हमलों के खतरे के चलते कई शिपिंग कंपनियों ने ट्रांजिट रोक दिया। हालात ऐसे बन गए कि मिशन 48 घंटे भी पूरी तरह नहीं टिक सका।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां पैदा हुआ संकट अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर असर डाल सकता है।
ईरान ने साफ किया है कि मौजूदा सुरक्षा हालात में बिना उसकी चेतावनियों और नियमों का पालन किए जहाजों का गुजरना जोखिम भरा हो सकता है। वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी देश अब नए बहुराष्ट्रीय मिशन पर विचार कर रहे हैं ताकि फंसे जहाजों को बाहर निकाला जा सके।
इस संकट का असर भारत समेत कई देशों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से तेल और गैस सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है। भारत पहले ही अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए निगरानी और नौसैनिक सहायता बढ़ा चुका है।