हाजीपुर। शहर में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे कचरे के ढेर पर नवजात शिशु का शव पड़ा मिला, जिसे आवारा कुत्ते नोच रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवजात का एक पैर पूरी तरह कुत्ते खा चुके थे। घटना की जानकारी मिलने के बावजूद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी मौके पर नहीं दिखी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और सदर अस्पताल को सूचना दी। आरोप है कि करीब दो घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, इस दौरान शव सड़क पर ही पड़ा रहा और कुत्ते उसे नोचते रहे।
बाद में नगर परिषद के सफाईकर्मी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाईकर्मियों ने फावड़े से नवजात के शव को उठाया, बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के कूड़े के ढेर में डालकर डंपिंग यार्ड भेज दिया। इस दौरान न तो पुलिस की मौजूदगी रही और न ही स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा।
मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा- “हमको इससे क्या मतलब।” इस बयान के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आशंका जताई है कि यह मामला अवैध गर्भपात से जुड़ा हो सकता है। आरोप है कि किसी निजी क्लिनिक या नर्सिंग होम में गर्भपात के बाद सबूत मिटाने के लिए नवजात का शव सड़क पर फेंका गया।
पहले भी मिल चुके हैं नवजातों के शव:-
जानकारी के मुताबिक, वैशाली जिले में यह पहली घटना नहीं है।
जुलाई 2024 में अस्पताल रोड पर नवजात का शव मिला था।
अक्टूबर 2024 में सदर थाना क्षेत्र में कचरे के ढेर से शव बरामद हुआ था।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और आसपास के इलाकों की जांच की जाएगी। हालांकि अब तक कोई औपचारिक केस दर्ज नहीं किया गया है।