कोरबा। धान बिक्री में आ रही समस्याओं और प्रशासनिक लापरवाही से टूटे एक किसान ने तहसील कार्यालय के सामने जहरीला पदार्थ पी लिया। किसान की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इलाज के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है। मामला हरदी बाजार थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार पीड़ित किसान बेसाखू मरकाम (60) निवासी झांझ गांव है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में रकबा कम दर्ज होने के कारण वह समर्थन मूल्य पर पूरा धान नहीं बेच पा रहा था। रिकॉर्ड में गड़बड़ी की वजह से वह अब तक सिर्फ 15 क्विंटल धान ही बेच सका, जबकि उसके पास इससे अधिक धान मौजूद था।
बताया जा रहा है कि रकबा सुधार और धान बिक्री की समस्या को लेकर बेसाखू मरकाम लगातार तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो सकी। मानसिक तनाव में आकर उसने तहसील कार्यालय के सामने ही जहर पी लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत प्रतिनिधि मुकुल मुकेश कुमार जायसवाल और जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता मौके पर पहुंचे। किसान की बिगड़ती हालत को देखते हुए निकिता ने अपनी निजी गाड़ी से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरदी बाजार भिजवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए उसे सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया।
इधर, घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को धान खरीदी के लिए टोकन, ऑनलाइन एंट्री और अन्य प्रक्रियाओं में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, जो बेहद दुखद है।
पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन को किसानों की समस्याओं पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस गंभीर विषय पर वह स्वयं मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, राज्य मंत्री और जिला कलेक्टर से चर्चा करेंगे, ताकि किसानों को राहत मिल सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
गौरतलब है कि यह 24 घंटे के भीतर जिले की दूसरी घटना है। इससे पहले भी धान बिक्री के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने कीटनाशक पी लिया था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जिले की धान खरीदी व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।