मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शुक्रवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई, जिसने यात्रियों और स्थानीय लोगों को हिला कर रख दिया। दुर्घटना घने कोहरे और कम दृश्यता के बीच सुबह के समय तब हुई जब कई वाहन एक के बाद एक आपस में टकरा गए और कुछ में भारी आग लग गई।
यह हादसा यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 127 के पास हुआ, जो आगरा-नोएडा मार्ग पर स्थित है। दुर्घटना सुबह के शुरुआती समय में, जब कोहरा अत्यंत घना था और दृश्यता लगभग शून्य तक गिर गई थी।
कई वाहन तेज़ रफ्तार में चल रहे थे और कोहरे के कारण सामने दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे टकराव की चेन रिऐक्शन शुरू हो गई। ड्राइवरों और वाहनों की भिड़ंत में कुल 8 बसें और 3 कारें इस भीषण टक्कर का हिस्सा रहीं।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार, कारों के टकराने के बाद बसें भी उनमें फंसती चली गईं, और फिर टकराव इतना गंभीर हो गया कि कई बसों में आग लग गई। टक्कर के बाद आग इतनी तेज़ थी कि यात्रियों को बाहर निकलने के मौके ही नहीं मिले।
आग की भयावहता इतनी ज़्यादा थी कि कई लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों के शरीर इतने क्षत विक्षत हो गए कि पहचान मुश्किल हो गई, जिस कारण डीएनए परीक्षण की तैयारी की जा रही है। मृतकों के अवशेषों को 17 काले पॉलिथीन बैगों में भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इस भीषण हादसे में करीब 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई गंभीर रूप से झुलसे हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है। अधिकारी और अस्पतालों के कर्मी घायलों की स्थिति का लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं।
हादसे के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और स्थानीय आपात सेवाएँ मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन लगभग छह घंटे से अधिक समय तक चला, जिसमें दमकल वाहन, एम्बुलेंस और क्रेन का उपयोग किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राहत कार्य शुरू होने में कुछ विलम्ब हुआ, लेकिन बाद में सभी संसाधन मुहैया कराए गए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को प्रतिजनों के लिए ₹2-2 लाख रुपये का अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। अधिकारियों ने घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा फिर से कोहरे, कम विज़िबिलिटी और तेज़ रफ्तार के कारण एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के खतरों को उजागर करता है।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल–
यमुना एक्सप्रेसवे पर सर्दियों में कोहरे के कारण दृश्यता का कम होना एक नियमित समस्या है, जिससे पहले भी कई बहु-वाहन टकराव और दुर्घटनाएँ हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे के दौरान नियंत्रित गति, चेतावनी संकेत और बेहतर आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था और अधिक प्रभावी होनी चाहिए।