मुज़फ्फरपुर। बिहार के मुज़फ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र से सामने आई यह घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है। 30 वर्षीय ममता देवी और उसके तीन मासूम बच्चों के शव बूढ़ी गंडक नदी के किनारे मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। चार दिन से लापता यह परिवार आखिरकार चंदवारा घाट पर मृत अवस्था में मिला, जिससे कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ममता देवी, अहियापुर निवासी कृष्ण मोहन साह (35 वर्ष) की पत्नी थीं। कृष्ण मोहन पेशे से ऑटो चालक हैं। ममता के साथ उसके तीन बच्चे थे-
दो बेटे उम्र 8 और 6 और
एक बेटी 4 वर्ष थे।
10 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 3 बजे, ममता बच्चों को लेकर बाज़ार जाने की बात कहकर घर से निकली, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटी।
10 जनवरी: ममता और बच्चे लापता
11-13 जनवरी: परिजन थाने के चक्कर काटते रहे
14 जनवरी सुबह 6 बजे: चंदवारा घाट, बूढ़ी गंडक नदी किनारे 4 शव बरामद हुए।
शवों की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि हत्या 13-14 जनवरी की रात में की गई। ममता के पैरों में सैंडल और बच्चों के जूते-टोपी सही सलामत मिले, जिससे यह संकेत मिलता है कि हत्या के बाद शव नदी किनारे फेंके गए।
परिजनों के अनुसार, ममता और उसके पति के बीच प्रेम प्रसंग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। ममता पर अफेयर का शक, पति कृष्ण मोहन पर भी संदेह।
मायके पक्ष की मामी ने पुलिस को बताया कि दोनों एक-दूसरे पर शक करते थे, घर में अक्सर झगड़े होते थे।
परिजनों ने पति कृष्ण मोहन और उसके पिता गणेश साह पर गंभीर संदेह जताया है।
हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी लंबित है, लेकिन बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है और ज़हर दिए जाने की आशंका पर जांच चल रही है। पुलिस का मानना है कि चार दिनों तक सभी जीवित थे, फिर उनकी हत्या की गई।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल की जांच कर ली है। मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले को प्रेम प्रसंग बताकर हल्के में लिया, जिससे कीमती वक्त जाया हुआ। अगर समय रहते सख्ती दिखाई जाती, तो शायद चार जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
चंदवारा घाट और आसपास के गांवों में मातम पसरा है। बूढ़ी गंडक नदी के किनारे खड़े लोग आज भी सवाल पूछ रहे हैं-
क्या प्यार और शक इंसान को इतना बेरहम बना सकता है?