नई दिल्ली। देश के आम बजट 2026-27 को लेकर तस्वीर अब लगभग साफ होती नजर आ रही है। भले ही इस बार 1 फरवरी रविवार पड़ रहा हो, लेकिन इसके बावजूद बजट पेश होने की पूरी संभावना है। अगर रविवार को बजट नहीं आता है, तो सरकार के पास शनिवार 31 जनवरी और सोमवार 2 फरवरी का विकल्प खुला रहेगा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, परंपरा से हटकर भी संसद की विशेष बैठक बुलाकर बजट पेश किया जा सकता है। इससे पहले भी ऐसा हो चुका है।
अगर सरकार शनिवार को बजट पेश करती है, तो 31 जनवरी (शनिवार) एक मजबूत विकल्प है। साल 2020 और 2025 में भी बजट शनिवार (1 फरवरी) को पेश किया गया था। ऐसे में शनिवार को बजट पेश करने की मिसाल पहले से मौजूद है।
यदि शनिवार-रविवार को बजट पेश नहीं होता है, तो 2 फरवरी (सोमवार) को बजट आना तय माना जा रहा है। इसे सबसे सुरक्षित और व्यावहारिक विकल्प माना जा रहा है।
ब्रिटिश शासन से लेकर 2016 तक देश में बजट फरवरी के आखिरी कार्य दिवस यानी 28 फरवरी और लीप ईयर में 29 फरवरी को पेश किया जाता था।क्षलेकिन 2017 से मोदी सरकार ने परंपरा बदलते हुए बजट 1 फरवरी को पेश करने की शुरुआत की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट के साथ एक नया इतिहास बनाने जा रही हैं। बजट 2026-27, निर्मला सीतारमण का लगातार आठवां आम बजट होगा। इसके साथ ही वे पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगी। मोरारजी देसाई ने भी 8 पूर्ण बजट पेश किए थे, हालांकि वे अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में वित्त मंत्री रहे।
निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली दो लगातार सरकारों में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। यह न सिर्फ राजनीतिक बल्कि संसदीय इतिहास में भी एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
कुल मिलाकर बजट रविवार को भी आ सकता है, शनिवार या सोमवार का विकल्प खुला है, परंपराओं से हटकर सरकार के पास संवैधानिक रास्ता और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड तय।