परमाणु कार्यक्रम पर सख्ती के संकेत, तेहरान पर मिसाइल और क्षेत्रीय गतिविधियों को सीमित करने का दबाव
वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब वार्ता के लिए वॉशिंगटन की पांच प्रमुख शर्तें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने तेहरान से लगभग 400 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम सौंपने, परमाणु गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्वीकार करने और क्षेत्रीय सैन्य समर्थन कम करने जैसी मांगें रखी हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने उच्च स्तर के यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश या सीधे अमेरिकी निगरानी में सौंपे। इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक, परमाणु हथियारों के विकास से दूरी और पश्चिम एशिया में सक्रिय सहयोगी संगठनों को समर्थन बंद करने की भी शर्त रखी गई है।
बताया जा रहा है कि इन शर्तों के बदले ईरान को कुछ आर्थिक राहत और प्रतिबंधों में ढील देने पर चर्चा हो सकती है। हालांकि तेहरान ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वह अपने परमाणु अधिकारों से पूरी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरानी अधिकारियों ने यूरेनियम हस्तांतरण की मांग को “अस्वीकार्य” बताया है।
हाल के महीनों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर बना दिया है। इसी बीच ओमान और पाकिस्तान की मध्यस्थता में कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब भी किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वार्ता विफल होती है तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। अमेरिका लगातार यह दोहरा रहा है कि उसका “रेड लाइन” यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित न कर सके।