रायपुर के फाफाडीह इलाके में जमीन की दरें सबसे अधिक हैं, जो शहर के प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव लाएंगी।
रायपुर। नवंबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार ने 8 साल बाद नई जमीन गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें रायपुर-कोरबा में 10 से 150% तक कीमतें बढ़ाई गईं। इससे रियल एस्टेट महंगा हो गया और किसानों व आम लोगों में असंतोष फैला।
जनवरी 2026 में विरोध प्रदर्शनों के बाद संशोधन हुआ, जिसमें केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने 20% न्यूनतम कटौती मंजूर की।
नई दरें पिछले प्रस्तावित उच्च मूल्यों से काफी कम हैं: रायपुर फाफाडीह सबसे महंगा (प्रमुख कारिडोर पर), जीई रोड व अटल पथ पर भी ऊंची दरें बरकरार।कोरबा: समान अनुपात में कमी, ग्रामीण क्षेत्रों को राहत।औसत कटौती 20-30%, रजिस्ट्री शुल्क व स्टांप ड्यूटी प्रभावित। इससे संपत्ति खरीद-बिक्री सस्ती होगी।
किसान, छोटे भू-स्वामी व खरीदारों को रजिस्ट्री सस्ती, रियल एस्टेट बाजार संतुलित।
विरोध: कांग्रेस ने पहले बढ़ोतरी के खिलाफ धरना दिया, अब संशोधन पर स्वागत। यह दरें 1 वर्ष के लिए वैलिड, अगले पुनरीक्षण पर निर्भर।
रायपुर के शहरी इलाकों (फाफाडीह, पंडरी, देवेंद्र नगर) में व्यावसायिक जमीन महंगी, जबकि कोरबा के बाहरी क्षेत्र सस्ते। मकानों की दरें भी समायोजित।
जिला प्रशासन ने नोटिफिकेशन जारी कर सूचना दी।