पालतू डॉग की बीमारी के सदमे में दो बहनों ने की आत्महत्या…

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के दौडा इलाके से एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई है, जहाँ दो सगी बहनों राधा सिंह और जिया सिंह ने अपने पालतू डॉग की बीमारी और उसकी हालत न सुधर पाने के सदमे में आत्महत्या कर ली। दोनों बहनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन वे ठीक नहीं हो पाईं और उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार यह घटना लखनऊ के दौडा इलाके में हुई। स्थानीय पुलिस के मुताबिक दोनों बहनों ने फिनायल पी लिया था, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के बावजूद वे बच नहीं पाईं और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। दोनों ने मरने से पहले मां से कहा था कि हमारे जाने के बाद डॉगी को भगाना नहीं उसका इलाज करवाना।

परिजनों के अनुसार, दोनों बहनों का पालतू डॉग ‘टोनी’ कुछ समय से बीमार था, और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। डॉग का इलाज किया जा रहा था, लेकिन वह ठीक नहीं हो रहा था। डॉग से उनका गहरा लगाव था और उसकी बीमारी ने दोनों को भावनात्मक रूप से बहुत प्रभावित किया। इस सदमे ने उन्हें मानसिक रूप से परेशान और तनावग्रस्त कर दिया था।

दोनों बहनों ने फिनायल पी लिया था, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई। उन्हें तुरंत पुलिस ने अस्पताल भेज दिया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें इलाज दिया, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद दोनों बहनों की मौत की पुष्टि की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

परिवार एवं स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। पडोसियों ने बताया कि बहनें डॉग से बेहद स्नेह रखती थीं और जब उसकी हालत नहीं सुधर रही थी, तो वे मानसिक तनाव में थीं। मोहल्ले वाले कहते हैं कि यह एक अत्यधिक भावनात्मक और दिल दहला देने वाला मामला है।

यह मामला एक तरफ़ जहाँ पालतू जानवरों के प्रति बढ़ते स्नेह को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक तनाव के खतरों को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसा भावनात्मक तनाव गंभीर मानसिक दबाव में बदल सकता है, जिसे समय पर परिवार और विशेषज्ञों की मदद की आवश्यकता होती है।

पुलिस मामले को गहराई से खंगाल रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चला है कि मामला भावनात्मक सदमे और मानसिक तनाव से जुड़ा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस विस्तृत परीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर अंतिम स्थिति का खुलासा करेगी।

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