नवागढ़। कलेक्ट्रेट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस नेता और ठेकेदार आरिफ बाटिया ने खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश कर ली। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने समय रहते उसे रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
दरअसल, नवागढ़ निवासी आरिफ बाटिया पेशे से ठेकेदार हैं और कांग्रेस से जुड़े नेता हैं। उन्होंने वर्ष 2023-24 में नवागढ़ में कृषि भवन का निर्माण कार्य कराया था। निर्माण कार्य की कुल लागत 28.40 लाख रुपये बताई जा रही है। इसमें से अंतिम भुगतान 14 लाख रुपये अब तक नहीं किया गया। ठेकेदार द्वारा फाइनल बिल भी पेश किया जा चुका है, इसके बावजूद भुगतान अटका हुआ है।
पीड़ित आरिफ बाटिया का आरोप है कि खाद्य मंत्री दयालदास बघेल के दबाव का हवाला देकर, नवागढ़ के पदस्थ कृषि विस्तार अधिकारी राकेश चतुर्वेदी जानबूझकर फाइनल पेमेंट रोके हुए हैं। आरिफ का कहना है कि पिछले 2 सालों से वह अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।
आरिफ बाटिया केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं।
वह जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव रह चुके हैं। हालांकि वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी भंग हो चुकी है।
इसके बावजूद उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव और अफसरशाही की मिलीभगत के कारण उनका भुगतान रोका जा रहा है।
लगातार भुगतान न मिलने से परेशान होकर आरिफ बाटिया कलेक्ट्रेट पहुंचे और खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए
आत्मदाह की चेतावनी दी घटना के बाद उसे कोतवाली थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी ठेकेदारों के भुगतान, राजनीतिक दबाव,
अफसरशाही की मनमानी, पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि क्या पीड़ित को उसका भुगतान मिलेगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।