प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने संगम तट पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद तीन बार संगम में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद एक बड़े संत-समागम को संबोधित करते हुए उन्होंने देश-विदेश के हालात, सनातन धर्म, सामाजिक एकता और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर तीखा बयान दिया।
मुख्यमंत्री ने सुबह संगम पहुंचकर मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पूजा की। इसके बाद उन्होंने महामंडलेश्वरों, संतों और अखाड़ा प्रतिनिधियों से मुलाकात की। संतों के साथ चर्चा में सनातन धर्म की भूमिका, समाज की एकता और सेवा कार्यों पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है, लेकिन सेक्युलरिज्म का ठेका लेने वालों का मुंह बंद है। लगता है जैसे किसी ने फेविकोल चिपका दिया हो।
उन्होंने साफ कहा कि जो लोग सनातन धर्म और हिंदू समाज को कमजोर करने की राजनीति करते हैं, वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे अत्याचारों पर जानबूझकर चुप रहते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने सीधे-सीधे कहा कि जैसे-जैसे हम एक होंगे, वैसे-वैसे समाज को तोड़ने वाली ताकतें कमजोर होंगी। बंटोगे तो सर्वनाश तय है। आज वे अंदर से खोखले हो चुके हैं और पूरी दुनिया में हार रहे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि एक सामाजिक शक्ति है, जो एकजुटता से ही मजबूत बनती है।
संतों के सम्मेलन में बोले योगी कि सनातन की शक्ति समाज की एकता में है दलित, वंचित और कमजोर वर्गों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं। भारत की सांस्कृतिक चेतना ही विश्व को दिशा दे सकती है। धर्म के नाम पर समाज को तोड़ने वालों का अंत तय।
योगी के इस बयान को आने वाले समय में वैचारिक और राजनीतिक मोर्चे पर बड़ा संदेश माना जा रहा है। संतों के मंच से दिया गया यह वक्तव्य सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।